इक्क लरज़दा नीर सी,
उह मर के पत्थर हो गिआ
दूसरा इस हादसे तों,
डर के पत्थर हो गिआ
तीसरा इस हादसे नूं करन,
लग्गिआ सी बिआन
उह किसे पत्थर दे घूरन करके
पत्थर हो गिआ
इक्क शाइर बच गिआ सी,
संवेदना संग लरजदा
एने पत्थर उह गिणती करके,
पत्थर हो गिआ

इक्क लरज़दा नीर सी,
उह मर के पत्थर हो गिआ
दूसरा इस हादसे तों,
डर के पत्थर हो गिआ
तीसरा इस हादसे नूं करन,
लग्गिआ सी बिआन
उह किसे पत्थर दे घूरन करके
पत्थर हो गिआ
इक्क शाइर बच गिआ सी,
संवेदना संग लरजदा
एने पत्थर उह गिणती करके,
पत्थर हो गिआ